Sunday, April 7, 2019

रमन सिंह के दामाद को घोटाले के मामले में पुलिस खोज रही है, वो लापता हैं

लो भाई ! अपने चौकीदार की चौकीदारी में अब उनके EX CM  रमन सिंह के दामाद भी सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगा कर, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या के बाद देश छोड़कर भाग गए?!-PB
Chhattisgarh police issue lookout notice against Raman Singh’s son in law Dr Puneet Gupta
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ रायपुर पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है.






छत्तीसगढ़ के तीन बार मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ रायपुर पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है. पुनीत पर रायपुर स्थित सरकारी अस्पताल का सुपरिंटेंडेट रहने के दौरान 50 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप है.

इस मामले में पिछले महीने एफआईआर दर्ज की गई थी. पुलिस ने लुकआउट नोटिस को इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) को भी भेज दिया है. पत्रिका रायपुर की खबर के मुताबिक इस नोटिस को आईबी की मदद से देश के सभी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों में भेजा जाएगा.


रायपुर एसपी आरिफ शेख ने कहा,
डॉक्टर पुनीत गुप्ता के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस को आईबी को भेजा जा रहा है. हम इंश्योर करना चाहते हैं कि डॉक्टर पुनीत देश से बाहर न जा सकें.
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क्या है मामला
छत्तीसगढ़ के तीन बार मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह के दामाद डॉक्टर पुनीत गुप्ता पर आपराधिक षड़यंत्र, धोखाधड़ी, सरकारी खजाने से बेजा खर्च और नकली ऑडिट करवाने और 50 करोड़ के गबन का आरोप है. 
छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर में एक super specialty hospital बनवाया है. अस्पताल का नाम है दाउ कल्याण सिंह. पुनीत गुप्ता जनवरी 2016 से जनवरी 2019 तक इस अस्पताल के सुपरिंटेंडेट रहे. 
अंग्रेज़ी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गुप्ता के खिलाफ केस सुपरिंटेंडेंट डॉ केके सहारे ने ही दर्ज करवाया है. भूपेश बघेल सरकार गुप्ता को हटाकर डॉ सहारे को लाई थी. सहारे की शिकायत का आधार 18 पेज की रिपोर्ट है. छत्तीसगढ़ सरकार ने गबन के आरोप की जांच के लिए एक तीन मेंबर वाली कमिटी बनाई थी. 8 मार्च को सरकार को सौंपी गई इस कमिटी की रिपोर्ट के मुताबिक
>> बैंक से पैसे लेने के लिए गुप्ता ने जो डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी, उसे सरकार से अप्रूव नहीं करवाया गया.
>> अस्पताल के रिकॉर्ड में लिखा है कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म से ऑडिट करवाया जा रहा था. जबकि फर्म का कहना है कि हमने तो कोई ऑडिट किया ही नहीं. हमारे लेटरहेड पर किसी और ने दस्तखत किए हैं.
>> अस्पताल से ऐसे टेंडर जारी हुए, जिनकी रकम अनुमान से कहीं ज़्यादा थी. सिक्युरिटी के लिए टेंडर छह करोड़ 66 लाख का निकला, लेकिन एजेंसी को 21 करोड़ 19 लाख में ठेका मिला.
>> डीकेएस अस्पताल में ऐसे लोगों को काम पर रखा गया जो पात्र नहीं थे. उन्हें तनख्वाह भी पे ग्रेड से बढ़ाकर दी गई.
दामाद की वजह से परेशानी में रमन सिंह 
डॉक्टर पुनीत गुप्ता के खिलाफ लुकआउट नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया है जब इलेक्शन सिर पर हैं. हालांकि यह पहली बार नहीं है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह अपने दामाद की वजह से परेशानी में घिरे हैं. 2014 में छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में उपचुनाव होना था. कांग्रेस की ओर से मंतूराम पंवार प्रत्याशी थे. उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया. नाम वापस लेने के आखिरी दिन मंतूराम ने पार्टी को बिना बताए अपना नाम वापस ले लिया. 2015 के आखिर में एक ऑडियो टेप सामने आया, जिसमें खरीद-फरोख्त की बात थी. आरोप लगे कि टेप में अजित जोगी, उनके बेटे अमित जोगी और मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की आवाज थी. ये बातचीत मंतूराम पंवार के नाम वापस लेने के बारे में थी. पुनीत सीएम के दामाद थे तो बच गए. लेकिन कांग्रेस ने अमित जोगी को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया. अजित जोगी को भी पार्टी से निकालने की सिफारिश हुई.



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