Wednesday, October 9, 2019

महिला IT अफसर का दावा- CBDT चेयरमैन ने अपनी कुर्सी पक्की करने के लिए विपक्षी नेता के खिलाफ मारे छापे !

महिला अफसर ने आरोप लगाया कि CBDT के चेयरमैन मोदी ने उनके सामने ‘कबूला’ है कि ‘विपक्षी पार्टी के एक नेता के खिलाफ उनकी अगुवाई में चलाए गए एक कामयाब छापे की वजह से उनकी सीबीडीटी चेयरमैन की कुर्सी सुनिश्चित हुई। फोटो: सोशल मीडिया


सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के चेयरमैन प्रमोद चंद्र मोदी सवालों के घेरे में हैं। दरअसल, एक महिला टैक्स अधिकारी ने उन पर बेहद ही गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला अधिकारी के मुताबिक, सीबीडीटी के चेयरमैन ने एक ‘संवदेनशील’ मामले को दबाने के लिए ऐसे निर्देश दिए जिसे जानकर वो हैरान रह गईं।


उनके मुताबिक, मोदी ने उनके सामने यहां तक दावा किया कि उनका इस शीर्ष पर पद बने रहना विपक्ष के एक नेता के खिलाफ एक ‘कामयाब जांच अभियान’ चलाने की वजह से मुमकिन हो पाया।

प्रमोद चंद्र मोदी पर ये आरोप एक महिला अफसर अल्का त्यागी ने लगाए हैं। त्यागी ने 21 जून को अपनी शिकायत केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पास भेजी थी। उस वक्त वह मुंबई में चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (यूनिट 2) के तौर पर कार्यरत थीं। इससे एक महीने पहले ही देश में नई सरकार बनी थी।
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, त्यागी ने आरोप लगाया है कि मोदी की तरफ से उन पर ‘काफी ज्यादा दबाव’ बनाया गया था। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि त्यागी ने ऐसी ही शिकायत पीएमओ, सेंट्रल विजिलेंस कमिशन और कैबिनेट सेक्रेटरी को भी भेजी है।
1984 बैच की आईआरएस अधिकारी त्यागी आरोप लगाया है कि उन पर दबाव बनाने के लिए पुराने मामले को खोला जा रहा है। उनका कहना है कि एक पुराने विजिलेंस केस के जरिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। महिला अधिकारी का कहना है कि यह मामला पहले ही रफा दफा हो गया था और इस केस में मोदी ने ही उन्हें क्लीनचिट दी थी। लेकिन ‘ब्लैकमेलिंग’ करने के लिए इस केस को अब फिर से खोला गया है।
इस शिकायत के दो महीने बाद सरकार ने मोदी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। वहीं, प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स के पद पर प्रमोट किए जाने का इंतजार कर रहीं त्यागी को गुरुवार को नागपुर स्थित नैशनल अकादमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज का प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल ऑफ इनकम टैक्स (ट्रेनिंग) बना दिया गया।
अल्का त्यागी ने अपनी शिकायत में कई तरह की नियमितताओं का जिक्र है। इसमें बताया गया है कि कैसे सीबीडीटी चेयरमैन ने लगातार त्यागी को ‘गंभीर आरोपों’ से जुड़े ‘एक संवेदनशील केस’ में जारी ‘प्रक्रियाओं’ को रोकने के लिए कहा। इस शिकायत में त्यागी ने आरोप लगाया कि मोदी ने उनके सामने ‘कबूला’ है कि ‘विपक्षी पार्टी के एक नेता के खिलाफ उनकी अगुवाई में चलाए गए एक कामयाब छापे की वजह से उनकी सीबीडीटी चेयरमैन की कुर्सी सुनिश्चित हुई।
त्यागी के इस आरोप के बाद सीबीडीटी के चेयरमैन पर कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं। चेयरमैन प्रमोद चंद्र मोदी ने त्यागी के आरोपों का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। लेकिन उनके इन आरोपों से ये तो कहा ही जा सकता है कि सरकार विपक्षी दलों के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है।

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