Thursday, January 16, 2020

महंगा प्याज खरीद कर बांग्लादेश को सस्ते में बेच रही है मोदी सरकार, मालभाड़ा भी मांग रहा है पड़ोसी

प्याज की बढ़ती किमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने उसका बड़ी मात्रा में आयात किया था. लेकिन अधिक कीमत और स्वाद का हवाला देकर राज्यों ने उसे उठाने से इनकार कर दिया है. अब सरकार इस प्याज को सस्ते में बांगेलादेश को बेचने की कोशिश कर रही है.


देश में प्याज की कीमतें आसमान पर थीं तो उन पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार ने प्याज आयात किया था. लेकिन इस प्याज को लेने से कई प्रदेशों ने मना कर दिया था. अब सरकार इस प्याज को बांग्लादेश को बेचने की कोशिश में है. 


एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंग्रेजी बेवसाइट 'The Print' को बताया कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने बांग्लादेश के राजदूत रोकबुल हक के सामने यह प्रस्ताव रखा. 

इस अधिकारी ने बताया कि 12 जनवरी तक देश में 18 हजार मिट्रिक टन प्याज का आयात हो चुका था, जबकि सरकार ने 26 हजार टन प्याज के आयात का ऑर्डर दिया है.

अधिकारी ने बताया कि जो प्याज आयात किया गया है, उनमें से केवल 3 हजार मिट्रिक टन प्याज ही राज्य सरकारों ने खरीदा है, बाकी का प्याज अभी भी मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पड़ा हुआ है.

महाराष्ट्र ने 10 हजार मिट्रिक टन, असम ने 3 हजार मिट्रिक टन, हरियाणा ने 3480 मिट्रिक टन, कर्नाटक ने 250 मिट्रिक टन और ओडीशा ने 100 मिट्रिक टन प्याज के आयात का ऑर्डर दिया था. इसे उन्होंने अब वापस ले लिया है. इसकी जानकारी उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने दी थी.

नवंबर-दिसंबर में प्याज की कीमतों के 100 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच जाने के बाद उनसे निपटने के लिए प्याज के आयात का फैसला किया था. लेकिन अधिक कीमत और स्वाद अलग होने की वजह से उन्होंने ऑर्डर को वापस ले लिया.

राज्यों की ओर से प्याज का ऑर्डर कैंसिल किए जाने के बाद इस आयातित प्याज के खराब होने की चिंता सरकार को सताने लगी है. प्याज सबसे अधिक खराब होने वाली सब्जी है, एक हफ्ते में यह 35 फीसदी तक सड़ सकती है या जम सकती है.

अधिकारी ने बताया कि सरकार ने इनमें से अधिकांस प्याज का आयात 600 से 700 डॉलर प्रति मिट्रिक टन की दर से किया है. लेकिन सरकार अब इस प्याज को 550 से 580 डॉलर प्रति मिट्रिक टन की दर से बांग्लादेश को देने का प्रस्ताव किया है. 

नरेंद्र मोदी सरकार के इस प्रस्ताव पर बांग्लादेश का कहना है कि हालांकि उसने खुद ही चीन से प्याज का आयात नेपाल के जरिए किया है, ऐसे में अगर भारत सरकार प्याज को बिना किसी मालभाड़े के पहुंचाए तो वह विचार कर सकती है. 

भारत सरकार ने यह प्रस्ताव तब दिया है, जब तीन महीने पहले ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत दौरे पर मोदी सरकार की ओर से उनके देश को प्याज का निर्यात रोके जाने पर नाखुशी सार्वजनिक तौर पर जताई थी.  

भारत के चार दिन के दौरे में उन्होंने कहा था, '' काश, आपने प्याज के निर्यात में अचानक पाबंदी लगाने से पहले हमें बताया होता. मुझे अपने रसोइए को यह बताना था कि मेरे पास प्याज के बिना अपना भोजन बनाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. मैं भारत से अनुरोध करूंगी कि कृपया इस तरह की कार्रवाई करने से पहले हमें सूचित करें. आखिरकार, हम पड़ोसी हैं.'' asiaville news

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